सोमवार, 30 नवंबर 2015

असहिष्णुता

जब किसी समाज में लोग अपने अधिकारों हेतु नहीं अपितु दूसरे के अधिकारों को छीनने हेतु संघर्षरत हों तो ऐसा समाज असहिष्णु समाज कहलाता है।

जब किसी व्यक्ति को बहुत प्रेम किया जाय, अधिक सम्मान मिल जाय, किन्तु वह इसे आदरपूर्वक लेने में लेने में सक्षम न हो, ऐसा ही व्यक्ति असहिष्णुता को जन्म देता है तथा उसके प्रचार में जुट जाता हैं।

------- अंगिरा प्रसाद मौर्य

सहिष्णुता

जब किसी समाज में लोग दूसरों के मान-सम्मान तथा उनके अधिकारों के चिन्ता इस प्रकार करते हों मानों उन्हें अपने अधिकारों का पता ही न हो तो ऐसे समाज को सहिष्णु समाज कहते हैं।

जब कोई व्यक्ति सम्पन्न होते हुए भी पास-पड़ोस के निर्धन/असहाय लोगों के अधिकारों हेतु संघर्ष करे तथा अपने सुखों को उनके साथ बाँटने का प्रयास करे तो वो व्यक्ति सहिष्णु कहलाता है।

--------- अंगिरा प्रसाद मौर्य